आमिर, अमिताभ को करना पड़ा सांप, चमगादड़ का सामना

दिवाली करीब है और बॉक्स ऑफ़िस पर एक धमाका भी होने को है। ठग्स ऑफ हिंदोस्तान का। अमिताभ बच्चन और आमिर खान स्टारर इस फिल्म को लेकर बड़े बड़े प्लान बनाने गए हैं और फिल्म के ट्रेलर ने भी इसकी भव्यता का बखान कर दिया है। फिल्म की शूटिंग से जुड़े कई सारे किस्से अब तक सामने आ चुके हैं लेकिन आपको नहीं पता होगा कि फिल्म की थाईलैंड की शूटिंग के दौरान आमिर और अमिताभ को सांप और चमगादड़ों के बीच शूटिंग करने पड़ी थी। यहां पर बोरा आइसलैंड और रेन फॉरेस्ट में फिल्म की शूटिंग की गई थी। अमिताभ बच्चन बताते हैं कि फिल्म के निर्देशक विजय कृष्ण आचार्य थाईलैंड की इस ख़ूबसूरत लोकेशन पर शूट करना चाहते थे। मैं भी वहां जा कर अचंभित हो गया। वहां एक बड़ी गुफ़ा थी। इतनी, जितनी अपने यहां 20-30 मंजिला इमारत होती है। लेकिन बड़ी ही ख़तरनाक यादें हैं। शूटिंग के दौरान गुफ़ा से बड़े बड़े सांप निकल आते थे। इसको लेकर हमने रबड़ के सांप लेकर सेट पर छोटे-मोटे प्रैंक्स भी किये।

दरअसल ये उस खुदाबक्श का अड्डा था, जो रोल अमिताभ बच्चन फिल्म में कर रहे हैं। लेकिन वहां तक पहुंचना इतना आसान नहीं था। बच्चन को रोज़ सूटिंग के लिए करीब आधे घंटे तक पैदल चल कर वहां जाना पड़ता था। बताते हैं कि उनकी इस तकलीफ़ को दूर करने के लिए फिल्म से जुड़ी टीम ने एक पालकी बनाई थी। बच्चन कहते हैं कि वहां बहुत ही चढ़ाव था। मुझे साँस फूलने की प्रॉब्लम है इसलिए चढ़ कर उस गुफ़ा तक जाना संभव नहीं था। इस फिल्म के कारण ही अमिताभ और आमिर खान पहली बार एक साथ काम कर रहे हैं। आमिर ने फिल्म में फिरंगी मल्लाह का रोल निभाया है। उन्हें थाईलैंड की लोकेशन ने बेहद प्रभावित किया था। आमिर ने शूटिंग के दौरान की बातों को याद कर बताया कि जब मैं वहां पहली बार गया तो पोड़ा नुई आइसलैंड को देखकर अचंभित रह गया। असली अड्डा लग रहा था। एक बड़ी गुफ़ा और उसके अंदर से बहता पानी। खतरे थे लेकिन लोकेशन देखकर तो मुंह खुला का खुला रह जाता था।

ठग्स ऑफ हिंदोस्तान दिवाली के मौके पर 8 नवंबर को रिलीज़ हो रही है। फिल्म में आमिर और अमिताभ के अलावा कटरीना कैफ और फातिमा सना शेख़ भी हैं। ये फिल्म ब्रिटिश काल के उस दौरान की है जब ईस्ट इंडिया कंपनी यहां कारोबार करने आई थी और उसको ठगों के एक कबीले का सामना करना पड़ा था। अमिताभ उस कबीले के सरदार हैं और आमिर अंग्रेजों की तरफ़ से उस कबीले में भेजे गए उनके जासूस। फिल्म को देश- दुनिया में बड़े पैमाने पर रिलीज़ किया जा रहा है। करीब पौने तीन घंटे की इस फिल्म को भारत में पांच हजार से अधिक स्क्रीन्स में रिलीज़ किया जा रहा है, जिसमें हिंदी के अलावा तमिल और तेलुगु के वर्जन भी शामिल हैं।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *