10 साल लगे ‘फन्ने खान’ को बनाने में: मेहरा

‘अक्स’, ‘रंग दे बसंती’, ‘दिल्ली 6’ और ‘भाग मिल्खा भाग’ जैसी फिल्म बनाने वाले निर्देशक-निर्माता राकेश ओमप्रकाश मेहरा इन दिनों अपनी रिलीज़ के लिए तैयार फिल्म ‘फन्ने खान’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। मेहरा बताते हैं कि उन्होंने ‘फन्ने खान’ को बनाने का सपना आज से 10 साल पहले देखा था, लेकिन उनका यह सपना आज एक दशक बाद पूरा हुआ है। हालांकि ‘फन्ने खान’ का निर्देशन खुद मेहरा ने नहीं किया है, वह फिल्म के निर्माता हैं, लेकिन इस फिल्म को बनाने का सपना उनका अपना था। फिल्म का निर्देशन अतुल मांजरेकर ने किया है, वह पिछले 25 साल से मेहरा के साथ काम कर रहे हैं।

‘फन्ने खान’ की जर्नी के बारे में मेहरा बताते हैं, ’10 साल पहले मैंने डीवीडी में एक बेल्जियन फिल्म देखी थी जिसका नाम था एव्रीबॉडीज फेमस, यह फिल्म उस समय ऑस्कर के लिए भी नॉमिनेट हुई थी और टॉप 5 तक पहुंची थी। मुझे फिल्म का मुद्दा बहुत प्रभावित कर गया और मैंने इसे हिंदी में बनाने का फैसला कर लिया। फिल्म देखने के तुरंत बाद से मैं इसके अधिकार पाने के लिए 5 साल तक फिल्म एव्रीबॉडीज फेमस के निर्देशक-निर्माताओं को संपर्क करता रहा।’ मेहरा आगे बताते हैं, ‘बेल्जियन निर्देशक अपनी फिल्म के अधिकार नहीं देना चाहते थे, उन्हें डर था कि उनकी कहानी को हिंदी में बनाते समय हम खराब न कर दें। बहुत कोशिश करने के बाद और अपनी बनाई फिल्में उन्हें दिखाने के बाद… उनको लगा कि बॉलिवुड में भी अच्छा काम हो रहा है और फाइनली उन्होंने हमें हिंदी में अपनी फिल्म को रीमेक करने का अधिकार दे दिया।’ ‘फन्ने खान’ की कहानी के बारे में मेहरा बताते हैं, ‘एक पिता है जो गली-मोहल्ले का मोहम्मद रफी है, कुछ बनना चाहता था, लेकिन सपना रह गया। जब उसके घर बेटी ने जन्म लिया तो उसका नाम लता मंगेशकर से प्रभावित होकर लता रख दिया और तय कर लिया कि खुद तो मोहम्मद रफी नहीं बन पाया, लेकिन बिटिया को लता मंगेशकर जरूर बनाऊंगा। मध्यवर्गीय भारत के लोगों की तमाम चाहतें पूरी नहीं होती, ठीक उसी तरह हमारी फिल्म के पिता के सपने भी अधूरे रह जाते हैं और वह उन सपनों को बिटिया से पूरा करवाने में जुट जाते हैं।’

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