राष्ट्रपति का छत्तीसगढ़ में आत्मीय स्वागत

रायपुर। राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के अंतर्गत दंतेवाड़ा और बस्तर जिलों के दो दिन के दौरे पर आज सवेरे भारतीय वायुसेना के विमान द्वारा नईदिल्ली से संभागीय मुख्यालय जगदलपुर पहुंचे। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने विमान तल पर हल्की बूंदा-बांदी के बीच उनकी अगवानी की और आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति जगदलपुर विमान तल में कुछ देर रूकने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ हेलीकॉप्टर से दंतेवाड़ा जिले के लिए रवाना हो गए। जगदलपुर विमान तल पर उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा मंत्री तथा बस्तर (जगदलपुर) जिले के प्रभारी श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, वन मंत्री श्री महेश गागड़ा और बस्तर के लोकसभा सांसद  दिनेश कश्यप सहित अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। राष्ट्रपति का स्वागत करने वालों में जगदलपुर के विधायक श्री संतोष बाफना, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष कमलचंद्र भंजदेव, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्रीनिवास मद्दी, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती जबिता मंडावी, महापौर जगदलपुर नगर निगम  जतिन जायसवाल, प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव अजय सिंह, बस्तर संभाग के कमिश्नर  दिलीप वासनीकर, कलेक्टर बस्तर धनंजय देवांगन और प्रशासन के अन्य अनेक वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

 

एजुकेशन सिटी नामकरण पट्टिका का किया अनावरण : 

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने  छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल दंतेवाड़ा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम जावंगा में पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर संचालित एजुकेशन सिटी परिसर का दौरा किया। उन्होंने वहां इस विशाल शैक्षणिक परिसर की नाम पट्टिका का डिजिटल अनावरण भी किया। एजुकेशन सिटी का संचालन राज्य सरकार के आदिम जाति विकास विभाग द्वारा किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि इस परिसर में पूर्व प्राथमिक कक्षाओं से लेकर हायर सेकेण्डरी और पॉलीटेक्निक तक 17 विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं का संचालन किया जा रहा है। एजुकेशन सिटी में विद्या अध्ययन के साथ ही साथ उनके संर्वागिण विकास के लिए एकलव्य खेल परिसर, संगीत शिक्षा की भी सुविधा प्रदान की जा रही है।

चित्रकोट का मनोरम जलप्रपात देख प्रभावित हुए राष्ट्रपति : 

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने बस्तर जिले के चित्रकोट में वहां के विश्व प्रसिद्ध जलप्रपात को देखा। श्री कोविंद इन्द्रावती नदी के इस प्राकृतिक झरने के मनोरम दृश्य को देखकर काफी प्रभावित हुए। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती सविता कोविंद ने भी जलप्रपात को देखा। राष्ट्रपति के स्वागत में बस्तर अंचल के लोकनर्तकों ने रंग-बिरंगे परम्परागत परिधानों में आंचलिक लोक-नृत्यों का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने श्री कोविंद को चित्रकोट जलप्रपात की विशेषताओं के बारे में बताया और उन्हें बस्तर की आदिवासी लोक संस्कृति की भी जानकारी दी।

राष्ट्रपति ने वनवासी कल्याण आश्रम के बच्चों के साथ किया दोपहर का भोजन

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने  छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा के पास ग्राम हीरानार स्थित वनवासी कल्याण आश्रम के बच्चों के साथ बैठकर दोपहर का भोजन किया। उन्होंने भोजन शुरू करने के पहले बच्चों के साथ प्रार्थना भी की। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी राष्ट्रपति और आश्रम के बच्चों के साथ भोजन किया। सभी लोगों को दोना-पत्तल में भोजन परोसा गया। श्री कोविंद आश्रम के बच्चों के लिए अपने साथ राष्ट्रपति भवन से मिठाई लेकर आए थे। उन्होंने मिठाई खिलाकर बच्चों को शुभकामनाएं दी। राष्ट्रपति ने आश्रम में कम्प्यूटर लैब स्थापना की भी घोषणा की। श्री कोविंद आश्रम में वैदिक गणित की पढ़ाई और तीरंदाजी प्रशिक्षण को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उनके साथ मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप भी मौजूद थे। भोजन के दौरान श्री कोविंद ने विद्यार्थियों को जीवन में सफलता के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और उन लक्ष्यों तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत करने की सलाह दी। राष्ट्रपति ने कहा-प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में कामयाबी के लिए सपने देखना चाहिए और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ उन सपनों को पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। राष्ट्रपति ने भोजन के दौरान विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान की भी कई बातें पूछी और उनका सही जवाब मिलने पर बच्चों को शाबाशी दी।

आदिवासी महिला के ई-रिक्शे की सवारी की

राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद ने  छत्तीसगढ़ के जिला मुख्यालय दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान वहां एक आदिवासी महिला श्रीमती फूलमती भास्कर के ई-रिक्शे की सवारी की। श्रीमती फूलमती निकटवर्ती ग्राम टेकनार स्थित मां भवानी महिला स्व-सहायता समूह की सदस्य हैं। श्री कोविंद ने यह जानकर खुशी जताई कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस आदिवासी बहुल जिले की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए स्वसहायता समूहों का गठन करते हुए उनके लिए कई प्रकल्पों की शुरूआत की है, जिनमें ई-रिक्शे का प्रोजेक्ट भी शामिल है। श्री कोविंद ने इसे महिला सशक्तिकरण और महिला स्वावलंबन के साथ-साथ पर्यावरण की दृष्टि से भी काफी उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि इससे हितग्राही महिलाओं के परिवारों की आमदनी भी बढ़ेगी। श्री कोविंद ने ई-रिक्शा चालक श्रीमती फूलमती भास्कर से इस नये व्यवसाय के बारे में उनके अनुभवों को भी साझा किया। महिला ई-रिक्शा चालक ने बताया कि राज्य सरकार ने दंतेवाड़ा जिले के युवाओं के कौशल उन्नयन के लिए लाइवलीहुड कॉलेज की भी स्थापना की है और फूलमती इस कॉलेज में महिलाओं को ई-रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण भी देती हैं। इस प्रशिक्षण के लिए उन्हें मानदेय भी मिल रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और स्कूल शिक्षा तथा आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप सहित अनेक वरिष्ठजन उपस्थित थे।

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